Thursday, 23 February 2023

कब्ज/constipation क्या है उसके कारण और बचाव के तरीके

Constipation/कब्ज एक बिमारी है जिसे आप मे से कई लोग जानते भी नही होंगे। तो चलिए आज हम इसके बारे मे जानते है।

जब किसी व्यक्ती को मल त्याग करने मे कठिनाई हो या हप्ते मे 3-4 बार ही मल त्याग करता हो तो इसे हम कब्ज (constipation) कहते है
कुछ दवाई (medicine) के सेवन करने से भी हमे कब्ज हो जाती है।और कुछ बीमारियो के चलते हमे कब्ज की समस्या होती है। लेकिन आजकल की जीवन शैली (life style) ऐसी हो गई है जिसके चलते आज हर घर मे एक से दो कब्ज के मरीज मिल जाते है।
कब्ज बहुत ही खतरनाक साबित हो सकती है अगर इसका समय रहते इलाज न हो तो। लेकिन अगर आप कब्ज के कारण को जान जाऐ और उससे बचाव के तरीके को समझ जायें तो आप असानी इससे निजात पा सकते है।

कारण
• भोजन मे फाइबर (fiber) युक्त भोजन न लेना।
• कम मात्रा मे पानी पीना। पानी की कमी से मल सूख जाता है जिससे मल त्याग करने मे बहुत कठिनाई होती है।
• शारीरिक मेहनत कम करना। बैठे बैठे काम करना, कम चलना। दिमागी काम ज्यादा करना।
• भोजन खूब चबा-चबाकर न करना अर्थात् जबरदस्ती भोजन ठूँसना। जल्दबाजी में भोजन करना।
• भोजन को कम मात्रा मे लेना और अधिक मात्रा लेना दोनो ही नुकशान दायक है।
• खाना खाने के तुरंत बाद पानी पीना। खाना खाने के बाद तुरंत पानी पीने से खाना अच्छी तरह से डाइजेस्ट नहीं हो पाता है
• कुछ दवाई के सेवन करने से भी हमे कब्ज हो जाती है।
• चाय, कॉफी बहुत ज्यादा पीना। धूम्रपान करना व शराब पीना।
• गरिष्ठ पदार्थों का अर्थात् देर से पचने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन ज्यादा करना। जैसे मैगी, पिज्जा, वर्गर, मैंदे से बने खाद्य पदार्थ।

बचाव
• फाइबर युक्त भोजन करना  ( जैसे साबुत अनाज, फल,            सब्जी,मटर, नाशपाती, ब्राउन राइस, मक्का, अलसी के बीज,  फूलगोभी, पत्ता गोभी, संतरा, केला, बादाम, अंजीर, सेब, प्याज आदी)
• दिन मे 8-10 गलाश पानी पिए। शरीर को हाइड्रेटेड रखे।
• चहल कदमी ज्यादा करे जिससे भोजन का पाचन असानी से हो।
• भोजन खूब चबा-चबाकर करे जल्दबाजी में भोजन न करे।
   कहा भी गया है कि
       भोजन को औषधी के रूप में ले वरना औषधी
                 को भोजन के रूप में लेना पडेगा।
• अपने शरीर के हिसाब से भोजन करे। न ज्यादा करे और न ही       भूके रहे। जब भूक लगे तब भोजन करे।
• खाना खाने के तुरंत बाद पानी नही पीना चाहिए। भोजन के आधे घण्टे पहले तथा आधे घण्टे बाद पानी पिए।
• गरिष्ठ पदार्थों (देर से पचने वाले खाद्य पदार्थ) का सेवन न करे ।
• कब्ज मे पपीता बहुत ही अच्छा होता इसका रात मे सेवन करने पर सुबह मल त्याग करने मे असानी होती है।
• राजगिर भी कब्ज मे फायदा करता है
• 8-10 मुनक्का रात मे सोते समय लेने से सुबह मल त्याग करने मे असानी होती है।
• चाय काॅफी का सेवन कम करे इससे मल सूख जाता है। जिससे हमे मल त्याग करने मे कठिनाई होती है।

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